E-20 से 30 करोड़ गाड़ियां होंगी कबाड़! Kejriwal ने Modi सरकार पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार E-20 पेट्रोल को लागू करने के लिए गुंडागर्दी का सहारा ले रही है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने दावा किया कि इस कदम से 2023 से पहले बनी लगभग 30 करोड़ गाड़ियां कबाड़ बन जाएंगी और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ऑटोमोबाइल कंपनियों को चुप रहने के लिए धमका रही है। केंद्र सरकार के इथेनॉल-मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देने के कदम पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार E-20 पेट्रोल लागू करने के लिए गुंडागर्दी पर उतर आई है। कुछ दिन पहले, मैंने 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या 2023 से पहले बनी गाड़ियों में E-20 ईंधन का इस्तेमाल किया जा सकता है। मैंने यह भी पूछा था कि अगर गाड़ियां खराब हो जाती हैं या माइलेज कम हो जाता है, तो क्या वे मुआवज़ा देंगी। किसी ने भी आधिकारिक तौर पर जवाब नहीं दिया, लेकिन मैंने नौ कंपनियों के अधिकारियों से बात की। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ये कंपनियां डर के साये में काम कर रही हैं। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने मुझे बताया कि मोदी सरकार उन्हें धमका रही है। उन्होंने माना कि 2023 से पहले बनी गाड़ियों में E-20 इस्तेमाल करने से इंजन खराब हो जाएंगे और माइलेज कम हो जाएगा, लेकिन उन्होंने कहा, ‘अगर हम कुछ बोले तो बर्बाद हो जाएंगे। वे हमारे प्लांट बंद करवा देंगे या ED की रेड डलवा देंगे।’ मोदी जी 2023 से पहले की 30 करोड़ गाड़ियों को कबाड़ बनाने पर तुले हुए हैं। केजरीवाल ने इथेनॉल के फायदों पर भी सवाल उठाए और कहा कि इससे विदेशी मुद्रा का कोई फायदा नहीं होता और यह भूजल को खत्म करता है। मोदी जी इतने अड़े क्यों हैं? हमने E-20 पर एक टाउन हॉल करने का प्लान बनाया था, लेकिन पुलिस कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुँच गई और हमारी इजाज़त रद्द करवा दी। इनडोर गतिविधियों के लिए हमें पहले कभी इजाज़त की ज़रूरत नहीं पड़ी। मोदी जी, आपको E-20 का फैसला वापस लेना ही होगा, चाहे आप खुशी-खुशी करें या हम आपको मजबूर कर दें।